अमित घावटे
बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर नवी मुंबई के बिल्डर गुरुनाथ चिंचकर की आत्महत्या के करीब एक साल बाद नवी मुंबई की NRI कोस्टल पुलिस ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के जोनल डायरेक्टर अमित घावटे, सीनियर इंस्पेक्टर संदीप निगड़े और आकाश मलिक के खिलाफ FIR दर्ज की है। FIR में BNS-2023 की धाराएं 108(आत्महत्या के लिए उकसाना), 308(3)(उगाही), 352(जानबूझकर अपमान), 351(2) (आपराधिक धमकी) और 3(5) (सामान्य आशय) लगाई गई हैं।
गुरुनाथ चिंचकर किल्ले गांवठान के पास बेलापुर में एक इमारत की चौथी मंजिल पर रहते थे। उनकी ऑफिस उसी इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर थी। इसी ऑफिस में गुरुनाथ चिंचकर ने 25 अप्रैल 2025 को 9 एमएम पिस्टल से खुद को गोली मार ली थी। गुरुनाथ चिंचकर ने एक सुसाइड नोट छोड़ा था। यह नोट उनकी मां के नाम था। इसमें उन्होंने लिखा था कि वह यह कदम इसलिए उठा रहे हैं क्योंकि वह मुंबई NCB और बेलापुर पुलिस बार-बार पूछताछ के कारण मानसिक तनाव सहन नहीं कर पा रहे हैं।
उस समय जांचकर्ताओं ने उनकी मौत को उसके बड़े बेटे से जुड़े कथित ड्रग तस्करी मामले में एनसीबी जांच के कारण बढ़ते तनाव से जोड़ा था। गुरुनाथ चिंचकर की पत्नी डॉ. किरण चिंचकर ने आरोप लगाया था कि NCB अधिकारियों द्वारा लगातार उनके पति का मानसिक उत्पीड़न, धमकी और उनसे उगाही की गई। उनका कहना है कि उनके पति को बेटे के खिलाफ मामलों में बार-बार पूछताछ के लिए बुलाया जाता था और बड़ी रकम देने के लिए दबाव बनाया जाता था, जिसके कारण उन्होंने यह कदम उठाया।
शिकायत के अनुसार, 2 फरवरी 2025 को 15–20 एनसीबी अधिकारी बिना सूचना के गुरुनाथ चिंचकर के घर पहुंचे, जब वे घर पर मौजूद नहीं थे। FIR में कहा गया है कि घर बंद होने के कारण प्रवेश न मिलने पर NCB अधिकारियों ने नौकर की पिटाई की और सोसायटी का सीसीटीवी डीवीआर जब्त कर लिया। इसके बाद नौकर से गुरुनाथ चिंचकर को फोन करवाया, बिना यह बताए कि अधिकारी वहां मौजूद हैं।
पत्नी का आरोप है कि जब वे घर पहुंची तो NCB अधिकारियों का व्यवहार आक्रामक था। उन्होंने उनके फोन छीन लिए और उनके बच्चों के बारे में पूछताछ शुरू कर दी। अधिकारियों ने घर और कार्यालय दोनों जगह बिना वारंट के तलाशी ली और दस्तावेज, पासपोर्ट, बैंक रिकॉर्ड, कीमती सामान और 2 लाख रुपये नकद जब्त कर लिए। परिवार से जब्ती पंचनामा पर बिना प्रति दिए हस्ताक्षर करवा लिए।
पत्नी ने दावा किया कि NCB अधिकारियों ने बेटों- नवीन और धीरज- के नाम केस से हटाने के बदले 10–15 करोड़ रुपये की मांग की और मांग पूरी न होने पर पूरे परिवार को फंसाने की धमकी दी। बताते हैं कि गुरुनाथ चिंचकर का बड़ा बेटा अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी में शामिल था। उसे मलेशिया से डिपोर्ट कर लाया गया था। इसी की आड़ में अमित घावटे चिंचकर परिवार को फंसाने की धमकी दे रहे थे और 15-20 करोड़ रुपये मांग रहे थे।
